छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) रायपुर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में पदस्थ दो बाबुओं, युगल किशोर साहू और सुरेंद्र कुमार सोनकर (दोनों सहायक ग्रेड-2), को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों के पास से 15-15 हजार रुपये की रकम बरामद की गई है।
**वाहन चालक की शिकायत पर कार्रवाई**
मामला CMHO कार्यालय में कार्यरत वाहन चालक मुकेश कुमार यादव की शिकायत से शुरू हुआ। मुकेश ने बताया कि वह पहले वाहन चालक के पद पर कार्यरत थे, लेकिन कुछ समय पहले उन्हें डिमोशन कर चौकीदार के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरूर में भेज दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जहां से स्टे ऑर्डर मिलने के बाद उनकी पुनः वाहन चालक के पद पर नियुक्ति हुई।
सर्विस बुक सत्यापन और एरियर निकालने के लिए जब मुकेश CMHO कार्यालय पहुंचे, तो युगल किशोर साहू और सुरेंद्र कुमार सोनकर ने उनसे 50 हजार रुपये (25-25 हजार) रिश्वत की मांग की। मुकेश ने 20 हजार रुपये पहले ही दे दिए थे, लेकिन शेष राशि के लिए दबाव बढ़ने पर उन्होंने ACB रायपुर में शिकायत दर्ज कराई।
**ACB की ट्रैप कार्रवाई**
शिकायत के सत्यापन के बाद ACB की विशेष टीम, जिसमें DSP राजेश चौधरी, निरीक्षक अनिल ठाकुर, सुरेश सोनी, सब इंस्पेक्टर असित लकड़ा, हेड कांस्टेबल धनराज साहू और आरक्षक बीरबल बघेल शामिल थे, ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे CMHO कार्यालय में दबिश दी। मुकेश द्वारा रिश्वत की राशि देने की प्रक्रिया के दौरान दोनों बाबुओं को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। रिश्वत के नोटों पर लगाए गए फिनॉलफ्थेलीन पाउडर की जांच में लिक्विड गुलाबी होने से रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
**कानूनी कार्रवाई**
ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए रायपुर ले जाया गया। ACB की कार्रवाई देर शाम तक कार्यालय में जारी रही।
**निष्कर्ष**
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की सख्ती को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में रिश्वतखोरी की घटना से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। दोनों आरोपियों को अब कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।




