
भारत सरकार की एडिप (सहायता और उपकरणों के लिए सहायता योजना) और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए प्रोजेक्ट सहारा के अंतर्गत डॉ. अम्बेडकर सामुदायिक भवन, सासाहोली, तिल्दा-नेवरा में एक परीक्षण एवं मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के विधायक अनुज शर्मा ने भाग लिया और दिव्यангजनों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस शिविर के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने जोर देकर कहा, “हमारा लक्ष्य है कि ऐसे शिविरों को नियमusernamे नियमित प्रक्रिया बनाया जाए, ताकि कोई भी दिव्यांग अपनी जरूरतों के लिए परेशान न हो।”

शर्मा ने इस शिविर को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य सभी दिव्यांगजनों को यह विश्वास दिलाना है कि उन्हें भी गरिमापूर्ण जीवन जीने का पूरा अधिकार है। हमारी सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों, समाज में उनकी भूमिका, समान अवसर प्रदान करने, बाधाओं को दूर करने और उन्हें सशक्त बनाने पर केंद्रित है।” उन्होंने समाज से अपील की कि दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर उनकी क्षमताओं को पहचाना जाए और उन्हें समाज का अभिन्न अंग बनाया जाए।

इस शिविर में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवश्यक उपकरणों और सहायता सामग्री के वितरण के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और जरूरतों का मूल्यांकन भी किया गया। विधायक ने कहा कि ऐसे आयोजनों को समय-समय पर आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्राप्त हों।

यह शिविर न केवल दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान करने का एक मंच साबित हुआ, बल्कि समाज में समावेशिता और समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।




