
आदिकर्म योगी अभियान के तहत रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार सुबह 11 बजे बालोद जिला मुख्यालय के समीप ग्राम पाकुरभाट स्थित जिला पंचायत संसाधन केंद्र में हुआ। यह कार्यशाला 3 से 5 सितंबर 2025 तक चली, जिसमें जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं के माध्यम से गांव-गांव जाकर जनजातीय विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की जानकारी प्रदान की गई।
समापन समारोह में उपस्थिति
समापन अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विजय सिंह कंवर, जिला नोडल अधिकारी डिलेश्वर वर्मा, जिला मास्टर ट्रेनर्स जागेश्वर सोरी, मिथलेश कुमार, दानेश्वर वर्मा, और विवेक ध्रुवे सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
मास्टर ट्रेनर्स की जिम्मेदारी
सहायक आयुक्त विजय सिंह कंवर ने कहा कि आदिकर्म योगी अभियान के तहत बालोद जिले के 186 चयनित गांवों में आदिवासी समुदाय तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी मास्टर ट्रेनर्स और स्वयंसेवकों पर होगी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले लोगों को प्रशिक्षित करें और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
अभियान का उद्देश्य
कार्यशाला में बताया गया कि आदिकर्म योगी अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में सेवा, समर्पण, और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं को लागू करना है। इसके तहत:
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प्रत्येक चयनित गांव में 20-20 पढ़े-लिखे और जागरूक स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे।
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पात्रता के आधार पर जनजातीय परिवारों के लिए राशन कार्ड और आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
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आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को लागू किया जाएगा।
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ग्राम विकास योजनाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान का ढांचा
अभियान के सफल संचालन के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं, और सेवाभावी संगठनों की भागीदारी होगी। इसके लिए:
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राज्य, जिला, ब्लॉक, और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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प्रत्येक चयनित गांव में आदि सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को बढ़ावा देगा।
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सेवा पर्व और आदि कर्मयोगी सेवा अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यशाला का महत्व
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर स्वयंसेवकों और कैडर को तैयार करना है, जो अपने गांवों के विकास के लिए योजनाएं बनाएं और आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करें। यह अभियान जिले के चयनित आदिवासी गांवों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।




