
बालोद: छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, ग्रेड पे, 27% लंबित वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस आंदोलन ने पूरे प्रदेश में जोर पकड़ लिया है, जिसमें 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी शामिल हैं।
बाइक रैली और ज्ञापन सौंपा
आज, हड़ताल के 24वें दिन, बालोद में एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने बस स्टैंड से घड़ी चौक होते हुए जिला भाजपा कार्यालय तक बाइक रैली निकाली। रैली के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया और जिला भाजपा अध्यक्ष श्री चेमन देशमुख को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने सवाल उठाया, “आपने बनाया है तो सवारेंगे कब?”, जो उनकी मांगों के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाता है।

इसी दौरान, जोहर छत्तीसगढ़ पार्टी ने बस स्टैंड, बालोद में एनएचएम कर्मचारियों के समर्थन में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को एक समर्थन पत्र लिखा, जिसमें कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की मांग की गई।
पूरे प्रदेश में एकजुटता
बालोद के साथ-साथ 10 सितंबर 2025 को पूरे छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों ने अपने-अपने जिला भाजपा कार्यालयों में जिला अध्यक्षों को ज्ञापन सौंपे और एक ही सवाल दोहराया, “आपने बनाया है तो सवारेंगे कब?” यह आंदोलन अब प्रदेशव्यापी स्तर पर तीव्र हो चुका है।
हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण छत्तीसगढ़ की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हैं:
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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी सेवाएँ पूर्ण रूप से बंद।
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सीएससी और जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि।
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पोषण पुनर्वास केंद्र बंद।
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स्कूल और आंगनवाड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण ठप।
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टीबी उपचार, नवजात शिशु देखभाल, वृद्ध स्वास्थ्य परीक्षण, और एनसीडी स्क्रीनिंग जैसी सेवाएँ प्रभावित।
उपस्थित प्रमुख कार्यकर्ता
हड़ताल और रैली में जिला अध्यक्ष श्री खिलेश साहू, उपाध्यक्ष श्री प्रेम, डॉ. डॉली शिवांगी साहू, संरक्षक श्री दिनेश खर्कवाल, मीडिया प्रभारी श्री चंदन गिरी, और सदस्य दिव्या उत्तम, रेणुका, विनीता, जयप्रकाश, अनीता, सोनल गांधी, धनेश्वरी, मनीष, झरना सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त 2025 से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इन मांगों में नियमितीकरण, ग्रेड पे, 27% वेतन वृद्धि, 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, पारदर्शी प्रदर्शन मूल्यांकन, और स्थानांतरण नीति में स्पष्टता शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में इन मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन 20 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आगे की रणनीति
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेशभर में 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं, और इसे और तेज करने की योजना बनाई जा रही है।
यह आंदोलन न केवल कर्मचारियों की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा प्रभाव भी डाल रहा है।




