छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ गौसेवक सम्मेलन: चंद्रशेखर सिंह राजपूत बने प्रदेश अध्यक्ष

जामडी पाटेश्वर कौशल्या धाम, बालोद:

छत्तीसगढ़ के पशुधन विकास विभाग में कार्य आधारित मानदेय पर कार्यरत गौसेवक, कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता, और मैत्री संघ का राज्य स्तरीय सम्मेलन हाल ही में जिला बालोद के जामडी पाटेश्वर कौशल्या धाम में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में प्रदेश के सभी जिलों से लगभग 1000 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य गोधाम योजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और गौ सेवा आयोग के प्रति आभार व्यक्त करना तथा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन करना था।

गोधाम योजना और सम्मेलन का उद्देश्य

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग की पहल पर राज्य सरकार ने गोधाम योजना शुरू की है, जिसके तहत गौसेवकों और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस योजना का लक्ष्य गौमाता के संरक्षण और नस्ल सुधार को बढ़ावा देना है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित इस सम्मेलन में सभी अतिथियों का सम्मान और आभार व्यक्त किया गया।

मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विशेषण पटेल, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग, रायपुर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जगदीश देशमुख, प्रदेश अध्यक्ष, तुलसी मानस प्रतिष्ठान ने की। विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे:

  • श्री पुरुषोत्तम राजपूत, मानस मर्मज्ञ, बेलमांड

  • श्री शंभू नाथ चक्रवर्ती, प्रदेश अध्यक्ष, माटी कला आयोग, छत्तीसगढ़

  • श्री सूर्यवंशी

  • डॉ. डी.के. सिहारे, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, बालोद

कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का संचालन श्री ज्ञानी राम यादव और श्री राधेश्याम साहू ने किया। आयोजन की शुरुआत गौमाता की पूजा के साथ हुई। इसके बाद पाटेश्वर धाम के संचालक और छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के संरक्षक संत श्री बालक दास महाराज के दादा गुरु, दिल्ली वाले महा त्यागी मचान वाले बाबा जी, और स्वर्गीय विनोद देवांगन (कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता) को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी अतिथियों का जिला बालोद और विभिन्न जिला प्रमुखों द्वारा पुष्प हार से स्वागत किया गया।

अतिथियों के विचार

मुख्य अतिथि श्री विशेषण पटेल ने कहा, “गोधाम योजना से गौमाता को संरक्षण मिलेगा। जल्द ही हाईवे मार्ग पर गोधाम निर्माण का कार्य शुरू होगा, जिसमें प्रशिक्षित गौसेवकों और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।” उन्होंने इस योजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया।

विशिष्ट अतिथि श्री पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा, “गौमाता में 33 देवी-देवताओं का वास होता है। उनकी सेवा से भगवान प्रसन्न होते हैं।” डॉ. डी.के. सिहारे ने गौसेवकों को गोधाम योजना में कार्य करने के अवसर के लिए बधाई दी और उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

चंद्रशेखर सिंह राजपूत बने प्रदेश अध्यक्ष

सम्मेलन में सर्वसम्मति से जिला रायपुर के तिल्दा ब्लॉक निवासी श्री चंद्रशेखर सिंह राजपूत को संगठन का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। राजपूत जी मूल रूप से बालोद जिले के ग्राम सोरर के निवासी हैं और पिछले 20 वर्षों से तिल्दा के छतौद गांव में रह रहे हैं।

वे 2006 से जे.के. ट्रस्ट ग्राम विकास योजना के तहत पशुओं में नस्ल सुधार के लिए कार्यरत थे। 2012 में प्रोजेक्ट बंद होने के बाद, उन्होंने छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग में प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षण लिया और तब से तिल्दा और आसपास के 15-20 गांवों में सेवा दे रहे हैं।

राजपूत जी घायल गौमाता का निस्वार्थ उपचार करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी सेवाओं के लिए पूर्व में गौ सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास जी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं।

स्वागत और सम्मान

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषण पटेल ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर सिंह राजपूत का तिलक और पुष्प हार से स्वागत किया। सभी जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें बधाई दी। संगठन की ओर से अतिथियों को प्रतीक चिन्ह, श्रीफल, और शॉल भेंट किए गए। गोधाम योजना को लागू करने में योगदान देने वाले श्री चंद्रशेखर राजपूत, पुष्पकांत शर्मा, और धर्मेश साहू ने भी अतिथियों का सम्मान किया।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष का आभार

अपने आभार भाषण में श्री चंद्रशेखर सिंह राजपूत ने कहा, “कौशल्या माता की नगरी में आप सभी ने समय निकालकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया, इसके लिए छत्तीसगढ़ संघ सदा आभारी रहेगा।” उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषण पटेल, और संरक्षक संत श्री बालक दास महाराज का धन्यवाद किया।

उन्होंने आगे कहा, “आप सभी ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। सभी जिला अध्यक्षों, गौसेवकों, कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं, और मैत्री संघ के सहयोग से इस संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाऊंगा।”

निष्कर्ष

यह सम्मेलन गौमाता की सेवा और गोधाम योजना के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। छत्तीसगढ़ के गौसेवकों ने एकजुट होकर गौ संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर सिंह राजपूत के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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