
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, ग्रेड पे, 27% लंबित वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल 25वें दिन भी जोर-शोर से जारी रहा। इस आंदोलन में प्रदेशभर के 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी शामिल हैं।
शहीद कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि
हड़ताल के 25वें दिन बालोद जिले के एनएचएम कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर में पितृ पक्ष के अवसर पर शहीद कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। एनएचएम परिवार, जिला बालोद ने दिवंगत कर्मचारियों की आत्मा की शांति के लिए वृद्धाश्रम में फल वितरण किया। इस भावनात्मक आयोजन में कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों के बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया।
हड़ताल से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाएं
कर्मचारियों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हैं:
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ओपीडी सेवाएं पूर्ण रूप से बंद।
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पोषण पुनर्वास केंद्र पूरी तरह ठप।
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स्कूल और आंगनबाड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण कार्य बंद।
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टीबी उपचार, नवजात शिशु देखभाल, वृद्ध स्वास्थ्य परीक्षण, और एनसीडी स्क्रीनिंग पर गंभीर असर।
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जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि।
कर्मचारियों की मांगें
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की 10 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं:
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संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण/संविलियन।
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ग्रेड पे का निर्धारण।
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27% लंबित वेतन वृद्धि का भुगतान।
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पारदर्शी मूल्यांकन, विशेष अवकाश, और न्यूनतम 10 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा।
हड़ताल में शामिल प्रमुख कर्मचारी
आज के आंदोलन में जिला अध्यक्ष खिलेश साहू, उपाध्यक्ष प्रेम, संरक्षक दिनेश खर्कवाल, मीडिया प्रभारी चंदन गिरी, विकास कुमार, हेमंत, सरिता, डॉ. इंद्र चंद्राकर, गार्गी, जयश्री नाग, युवराज सिन्हा, झरना, जीतेश्वरी, डॉ. दुष्यंत निर्मलकर, डॉ. नितुनारायण, प्रशांत ठाकुर, खेमलता, अनूप देशपांडे, आरती सिन्हा, डॉ. मनीषा देवांगन, नंदनी, टिकेश्वर, जयप्रकाश देशमुख, राहुल, पोषण, सुनील साहू, दुष्यंत सोनबोइर, नीलम सोनवानी, ईश्वर, सुनील महतो, प्रवीण नायक, योगेश साहू, मनीषा ठाकुर, डॉ. यशवंत वर्मा, लोकेश धुर्वे, दिनेश, रितेश साहू, डॉ. वीणा, डॉ. श्रद्धा, विनोद, देवानंद रात्रे, जीतेश्वरी साहू, चंद्रिका, किशोर, हेमंत साहू, छबीली, रविकांत, ईश्वर दास सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
आंदोलन की स्थिति
यह हड़ताल 18 अगस्त 2025 से शुरू हुई थी और अब तक सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रभाव डाला है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।




