
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में बालोद पुलिस ने चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर काली प्रसाद मिश्रा को भुनेश्वर, ओडिशा से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में थाना बालोद और साइबर सेल की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मामले का विवरण
थाना बालोद में दर्ज अपराध क्रमांक 609/2016 के तहत, धारा 420, 34, 467, 468, 471, 406 भादवि, धारा 3, 4, 5 ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम, और धारा 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत माइक्रोलीजिंग एंड फंडिंग लिमिटेड और माइक्रोफाइनेंस चिटफंड कंपनी के डायरेक्टरों पर निवेशकों से अधिक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में कई वर्षों से फरार आरोपी काली प्रसाद मिश्रा की तलाश में बालोद पुलिस सक्रिय थी।
विशेष टीम का गठन और कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर और उप पुलिस अधीक्षक श्री देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में थाना बालोद और साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी डेटा और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपी की पुख्ता जानकारी जुटाई। इसके बाद, भुनेश्वर, ओडिशा में कई दिनों तक कैंप कर स्थानीय पुलिस के सहयोग से काली प्रसाद मिश्रा को विधिवत गिरफ्तार किया गया और उसे जिला बालोद लाया गया।
आरोपी का कथन
गिरफ्तार आरोपी काली प्रसाद मिश्रा (उम्र 39 वर्ष, पता: मकान नंबर 11, आर्य भूमि हाउसिंग सोसाइटी, नियर सेंट जेवियर इंटरनेशनल स्कूल, पटिया, थाना चंद्रशेखरपुर, जिला खोरदा, भुनेश्वर, ओडिशा; वर्तमान पता: डिवाइंड कलिंगा 6 फ्लोर, फ्लैट नंबर 602, थाना भरतपुर, जिला खोरदा, भुनेश्वर, ओडिशा) ने अपने कथन में बताया कि उसने एमबीए तक की शिक्षा प्राप्त की है। वह वर्ष 2004 से 2013-14 तक माइक्रोलीजिंग एंड फंडिंग लिमिटेड और माइक्रोफाइनेंस कंपनी, जिसका मुख्यालय भुनेश्वर, ओडिशा में है, का डायरेक्टर रहा। इस दौरान, कंपनी ने छत्तीसगढ़ के बालोद जिला क्षेत्र में एजेंटों के माध्यम से निवेशकों से अधिक लाभ देने का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा करवाए। निवेशकों को बाउंड पेपर में पावती दी गई थी।
वर्ष 2014 से 2016 के बीच जब शासन द्वारा कंपनी की जांच शुरू हुई, तो घबराकर कंपनी ने अपने सभी कार्यालय बंद कर दिए। काली प्रसाद मिश्रा ने 2013-14 में कंपनी की डायरेक्टरी से इस्तीफा दे दिया था और छत्तीसगढ़ में कंपनी के खिलाफ कई जगह अपराध दर्ज होने पर वह गिरफ्तारी के डर से छिपकर रह रहा था। इस दौरान, उसने अपने परिचितों से उधार लेकर फिल्म लाइन में छोटे-छोटे रील्स बनाकर जीवनयापन किया।
बालोद पुलिस की लगातार सफलता
बालोद पुलिस को अन्य राज्यों से फरार अपराधियों को पकड़ने में लगातार सफलता मिल रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक श्री शिशुपाल सिन्हा, उप निरीक्षक श्रीमती कमला यादव, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र, आरक्षक भोप साहू, संदीप यादव, पुरण देवांगन, गुलझारी साहू, और रवि साहू का विशेष सराहनीय योगदान रहा।
निष्कर्ष
यह कार्रवाई बालोद पुलिस की सक्रियता और समर्पण का एक और उदाहरण है। पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने इस सफलता के लिए विशेष टीम की सराहना की है। यह कार्रवाई निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश देती है।




