
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा नियमितीकरण/सिविलियन, ग्रेड पे, 27% वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन 30वें दिन भी जोरशोर से जारी रहा। आज कर्मचारियों ने वेदना ज्योति रैली का आयोजन किया, जिसमें कोविड-19 महामारी में शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि दी गई।
वेदना ज्योति रैली का विवरण
सुबह कोविड शहीदों को नमन किया गया, और शाम 6 बजे जयस्तंभ चौक पर मोमबत्तियां और मशालें जलाकर कोविड में दिवंगत हुए कर्मचारियों की तस्वीरों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रैली जयस्तंभ चौक से शुरू होकर सदर बाजार, हलधरनाथ योगी चौक, मधु चौक होते हुए पुनः जयस्तंभ चौक पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए और शासन की दमनकारी नीतियों का विरोध किया।

हड़ताल का प्रभाव
लगभग 16,000 एनएचएम संविदा कर्मचारियों की इस हड़ताल ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) और जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। पोषण पुनर्वास केंद्र बंद हैं, स्कूलों और आंगनवाड़ियों में स्वास्थ्य परीक्षण रुक गया है। टीबी उपचार, नवजात शिशु देखभाल, वृद्ध स्वास्थ्य परीक्षण, और गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
कर्मचारियों का संकल्प
शासन द्वारा जारी दमनकारी आदेशों, जिसमें 25 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और “नो वर्क, नो पे” नीति शामिल है, के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों के लिए अडिग हैं। जिला अध्यक्ष खिलेश साहू ने कहा, “हमारी मांगें जायज हैं, और हम तब तक हड़ताल जारी रखेंगे जब तक हमारी 10 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हो जातीं।”
उपस्थित कर्मचारी
हड़ताल और रैली में जिला अध्यक्ष खिलेश साहू, उपाध्यक्ष प्रेम, संरक्षक दिनेश खर्कवाल, मीडिया प्रभारी चंदन गिरी, सदस्य मनोज, सुशील, सोनल गांधी, नीति यादव, मुनेश, यामिनी, प्रतिभा, चंद्रकला, मनीषा यादव, डॉ. नीतू नारायण, योगिता साहू, दिव्या, कल्पना, डिंपल, रश्मि, मेघारानी, दिनेश्वरी, सुनील, योगेश साहू, डॉ. इंद्र चंद्राकर, जीतेश्वरी, अनूप, विकास, सचिन, प्रकाश राठौर, यशवंत, सरस्वती, ओरियंत सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।
मांगों का विवरण
एनएचएम कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं:
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नियमितीकरण/सिविलियन
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ग्रेड पे
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27% वेतन वृद्धि
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10 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा
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समान काम के लिए समान वेतन
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सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन योजना
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पदोन्नति और करियर प्रगति के अवसर
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संविदा कर्मचारियों के लिए नौकरी सुरक्षा
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अनुकंपा नियुक्ति नीति
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बेहतर कार्य परिस्थितियां और बुनियादी ढांचा
यह आंदोलन छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि कर्मचारी अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं।




