
बालोद के वार्ड क्रमांक 14, आमापारा निवासी शिवकुमार देशलहरे के साथ गुरुवार दोपहर 2 बजे एक साइबर ठगी की घटना सामने आई है। उनके मोबाइल पर एक APK फाइल प्राप्त हुई, जिसमें शादी का डिजिटल निमंत्रण कार्ड होने का दावा था। जैसे ही शिवकुमार ने फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैंग हो गया। इसके कुछ ही मिनटों बाद उनके बैंक खाते से 10,000-10,000 रुपये की किश्तों में कुल 1 लाख रुपये निकाल लिए गए।
ठगी का दायरा बढ़ा
यह ठगी सिर्फ शिवकुमार तक सीमित नहीं रही। फर्जी लिंक ने उनके मोबाइल को हैक कर लिया और उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद सभी लोगों को वही लिंक भेज दिया। इससे कई अन्य लोगों के मोबाइल भी हैक होने की आशंका पैदा हो गई।
त्वरित कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने अपना बैंक खाता ब्लॉक करवाया और साइबर सेल तथा बालोद थाने में शिकायत दर्ज की। साइबर सेल अधिकारियों ने मोबाइल को फॉर्मेट करने की सलाह दी ताकि आगे की अनधिकृत निकासी को रोका जा सके।
साइबर सेल की सलाह
साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, PDF, या APK फाइल को बिना पुष्टि के न खोलें। ठग अब भावनात्मक तरीकों, जैसे शादी के निमंत्रण कार्ड जैसे लुभावने संदेशों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं। यदि कोई संदिग्ध लिंक प्राप्त हो, तो उसे खोलने से पहले भेजने वाले की पहचान की पुष्टि करें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
सतर्कता ही बचाव
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है। अनजान स्रोतों से आए संदेशों पर भरोसा करने से पहले उनकी सत्यता जांचें। साइबर ठगों के नए-नए हथकंडों से बचने के लिए सतर्क रहें और अपने डिजिटल उपकरणों को सुरक्षित रखें।




