
गुण्डरदेही: अवैध जुआ और सट्टे पर नकेल कसने के लिए गुण्डरदेही पुलिस ने 24 अगस्त 2025 को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 जुआरियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 8,01,200 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश और तीन कारों सहित कुल 20,01,200 रुपये की संपत्ति जब्त की।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी राजेश बागड़े के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष शेण्डे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम डगनिया ग्रीन के कोया फार्म प्लाट नंबर 10 के लॉन में कुछ लोग 52 पत्ती ताश के साथ “काट पत्ती” नामक जुआ खेल रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर घेराबंदी की और मौके से 16 जुआरियों को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों में मोहम्मद फहीम (38, गंजपारा, दुर्ग), प्रमोद निवारे (37, चंगोराभांठा, रायपुर), रोशन कुमार (34, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, रायपुर), अनिकेत लक्ष्यवाणी (27, धमतरी), राजीव तिवारी (34, शक्ति बाजार, रायपुर), केवलदास भारती (30, कमल विहार, रायपुर), नागेश्वर साहू (29, कांदूल, रायपुर), ओमप्रकाश चंद्रा (32, सारंगगढ़-बिलाईगढ़), जितेंद्र सिंधी (32, इंद्रप्रस्थ, रायपुर), मनीष पटेल (30, लाखेनगर, रायपुर), संजय महेश्वरी (50, गंजपारा, दुर्ग), पप्पू साहू (38, राजीव नगर, दुर्ग), हेमलाल ढीमर (26, रूआंबांधा, दुर्ग), परमानंद कुर्रे (30, हंचलपुर, धमतरी), कमलेश साहू (54, बोरियाखुर्द, रायपुर), और जितेंद्र सिंह (32, बोरियाखुर्द, रायपुर) शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से 8,01,200 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश और तीन कारें (CG 04 NX 6004, CG 07 CQ 8747, CG 04 NJ 6086) जब्त कीं, जिनकी कुल कीमत 20,01,200 रुपये आंकी गई है। आरोपियों के खिलाफ थाना गुण्डरदेही में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत अपराध क्रमांक 241/25 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मनीष शेण्डे, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, जसवंत जांगड़े, कमलेश रावटे, आरक्षक यशवंत देशमुख, विकास साहू, मनीष तिवारी, जगदीश बघमार और सत्यप्रकाश यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने बताया कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी। जनता से भी अपील की गई है कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।




