
धरसींवा विधानसभा के ग्राम पथरी में आज जिला स्तरीय तीज मिलन समारोह का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने माताओं-बहनों के साथ तीज के इस पावन पर्व में हिस्सा लिया। समारोह में लोकगीत, पारंपरिक साज-सज्जा, मेहंदी, और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं की अनुपम झलक प्रस्तुत की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
कार्यक्रम में सामूहिक और एकल नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें माताओं-बहनों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर विधायक अनुज शर्मा ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। समारोह में उपस्थित महिलाओं ने तीज के उत्सव को अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से और भी रंगीन बना दिया।

तीज: नारी शक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने सभी माताओं-बहनों को तीज पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
“तीजा का यह पर्व नारी शक्ति, संवेदना, समर्पण और स्नेह का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के अपने पति के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए कठिन व्रत करने की हमारी भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा को दर्शाता है। हमारे धर्म में कहा गया है, यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता। इसी मान्यता के अनुरूप छत्तीसगढ़ की डबल इंजन भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि उनके खातों में प्रदान कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “तीज केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। यह हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखता है और नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं और मूल्यों से परिचित कराता है। यह त्यौहार सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है, क्योंकि इसमें हर वर्ग और समुदाय की महिलाएं एक साथ मिलकर उत्सव मनाती हैं। यह पर्व नारी शक्ति, आत्मविश्वास और एकता का संदेश देता है।”

कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा विभा अवस्थी, जिला अध्यक्ष श्याम नारंग, सविता चंद्राकर, स्वाति वर्मा, शकुंतला ढिलेन्द्र सेन, दिनेश खुटे, चंद्रकांति वर्मा, सोना वर्मा सहित धरसींवा विधानसभा की महिला मोर्चा की बहनें, पदाधिकारी और क्षेत्र की माताएं-बहनें बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

तीज का महत्व
तीज का यह उत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक एकता और नारी सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित करता है। इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है, साथ ही सामुदायिक एकता को भी बल मिलता है।





