छत्तीसगढ़राज्य

बालोद में साइबर जागरूकता अभियान: पुलिस और बैंक प्रबंधकों की महत्वपूर्ण बैठक

दिनांक: 22 अगस्त 2025

बालोद पुलिस कार्यालय में 22 अगस्त 2025 को जिले के विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों के साथ साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने किया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी बालोद के पर्यवेक्षण में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और जनता को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई।

बैठक का उद्देश्य

  • साइबर सुरक्षा जागरूकता: जनसाधारण को ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूक करना।

  • बैंकिंग सुरक्षा: बैंकों और एटीएम में उचित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना।

  • पुलिस-बैंक समन्वय: साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना।

पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रमुख दिशा-निर्देश

पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  • जागरूकता अभियान: बैंकों को सेमिनार, ग्राहक बैठकों, पोस्टर-बैनर, सोशल मीडिया और एसएमएस अलर्ट के माध्यम से ग्राहकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की सलाह।

  • हेल्पलाइन और पोर्टल: संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक प्राप्त होने पर तुरंत टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करने और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की अपील।

  • खाता सत्यापन: नए खाते खोलने से पहले पूरी तरह सत्यापन और म्यूल अकाउंट की जानकारी सुनिश्चित करना।

  • संदिग्ध लेन-देन: किसी खाते में अचानक असामान्य डेबिट/क्रेडिट गतिविधि होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करना।

  • सुरक्षा उपाय: बैंकों और एटीएम में 24 घंटे कार्यरत सीसीटीवी, अलार्म सिस्टम और सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करना।

  • पुलिस सैलरी पैकेज: पुलिस कर्मचारियों के खातों को एड स्विच कन्वर्ट कर सैलरी पैकेज का लाभ सुनिश्चित करना।

  • त्योहारी सीजन में सतर्कता: त्योहारों के दौरान बैंकों में नकदी की अधिकता और निर्माण कार्यों के कारण अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था।

ग्राहकों के लिए सुझाव

  • गोपनीय जानकारी की सुरक्षा: ओटीपी, एटीएम पिन, नेटबैंकिंग पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें।

  • सुरक्षित डिजिटल लेन-देन: केवल आधिकारिक ऐप और सुरक्षित नेटवर्क का उपयोग करें।

  • कर्मचारी प्रशिक्षण: बैंक कर्मचारियों को नियमित रूप से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करें।

सामूहिक प्रयासों पर जोर

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस और बैंकिंग संस्थानों का सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनता को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एसडीओपी का आश्वासन

एसडीओपी बालोद ने सभी बैंक प्रबंधकों को आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग हर स्तर पर सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता की अपील की।

निष्कर्ष: यह बैठक साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के आपसी सहयोग से बालोद जिले में डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

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