
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 125वें एपिसोड को आज बालोद शहर मंडल के 20 वार्डों में स्थित 18 बूथों पर श्रद्धा और उत्साह के साथ सुना गया। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 15, बूथ क्रमांक 35 में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारीगण, पार्षदगण और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर जिला मंत्री एवं शहर मंडल प्रभारी श्रीमती निशा योगी, मंडल अध्यक्ष श्री अमित चोपड़ा, जिला मीडिया प्रभारी श्री कमल पनपालिया, महामंत्री श्री नरेंद्र सोनवानी, पार्षद श्री गोकुल ठाकुर, श्रीमती गोमती रात्रे, श्रीमती श्यामा पटेल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अलावा, टेमेश्वर कौशिक, चेतराम मटिया, श्यामाबाई मंडवी, श्यामा साहू, भूनेश्वरी, महेश्वरी, संतोषी यादव, गोमती बाई, देववती, खेमेश्वरी, कमला यादव, दुलारी बाई, प्रीति, धनलक्ष्मी, कला गोस्वामी, खोमेश्वरी सहित अनेक कार्यकर्ता और नागरिकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

प्रधानमंत्री के विचार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला:
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खेलों में युवाओं की रुचि: उन्होंने कहा कि देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और छोटे-छोटे गांवों से नई प्रतिभाएं उभर रही हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आयोजित पहले डे-नाइट क्रिकेट मैच का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हजारों लोग इसे देखने पहुंचे, जो भारत में खेल क्रांति का प्रतीक है।
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यूपीएससी की तैयारी: यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रतिभा सेतु जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं, जो हजारों युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
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सौर ऊर्जा और आत्मनिर्भरता: सौर ऊर्जा के माध्यम से देश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। गांवों में सोलर राइस मिल जैसे नवाचारों से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
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शहडोल की प्रेरणा: शहडोल की अपनी यात्रा का स्मरण करते हुए मोदी जी ने बताया कि वहां के बच्चों की खेलों के प्रति रुचि ने उन्हें प्रभावित किया। इसके लिए जर्मनी के कोच से विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई।
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भारतीय संस्कृति और स्वदेशी: उन्होंने भारतीय संस्कृति, रामायण, और स्वदेशी उत्पादों के प्रति प्रेम और अपनत्व बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का प्रभाव
“मन की बात” का यह एपिसोड न केवल प्रधानमंत्री के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना, बल्कि कार्यकर्ताओं और नागरिकों के लिए राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत भी साबित हुआ। उपस्थित लोगों ने इस कार्यक्रम को गहरी रुचि के साथ सुना और सराहा।
यह आयोजन बालोद शहर मंडल में सामुदायिक एकता और राष्ट्रीय जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।




