
जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता उपाध्याय गौर ने छोटे भाई पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में 39 वर्षीय आरोपी कमलेश साहू को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला भारतीय दंड संहिता की धारा-109 के तहत सुनाया गया। आरोपी मासुल रनचिरई का निवासी है और मामला रनचिरई थाने में दर्ज था।
घटना का विवरण
लोक अभियोजक तोमन लाल साहू ने बताया कि 24 अक्टूबर 2024 को प्रार्थी अश्वनी साहू ने रनचिरई थाने में शिकायत दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, उस दिन दोपहर 3:30 बजे अश्वनी साइकिल से चित्रसेन के घर के पास पहुंचा, जहां उसका बड़ा भाई कमलेश साहू, चित्रसेन नेताम और गोवर्धन साहू बैठे थे। अश्वनी ने कमलेश से खेती के लिए दो एकड़ जमीन बोआई के लिए मांगी। इस पर कमलेश ने जवाब दिया कि जमीन का मामला कोर्ट में लंबित है और वह एक टुकड़ा भी नहीं देगा।
विवाद से हमले तक
बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद कमलेश ने जेब से चाकू निकालकर अश्वनी पर प्राणघातक हमला कर दिया। उसने अश्वनी के गले, पसली, भुजा और दाढ़ी के पास वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अश्वनी ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। रनचिरई पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की।
कोर्ट का फैसला
प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर कोर्ट ने कमलेश साहू को दोषी ठहराया और शनिवार शाम 4 बजे सजा का ऐलान किया। अदालत ने आरोपी को सात वर्ष का सश्रम कारावास और 100 रुपये का अर्थदंड लगाया।
सामाजिक संदेश
यह मामला पारिवारिक विवादों और जमीन को लेकर होने वाली हिंसा की गंभीरता को दर्शाता है। कोर्ट के इस फैसले से समाज में यह संदेश गया है कि हिंसक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह परिवार के भीतर ही क्यों न हो।




