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बालोद में गौवंश तस्करी पर सख्ती: पुलिस अधीक्षक ने दिए कड़े निर्देश, थाना प्रभारियों को निगरानी बढ़ाने की हिदायत

बालोद, छत्तीसगढ़:

दिनांक 14 अगस्त 2025 को पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस कार्यालय बालोद में गौवंश तस्करी और अवैध पशु परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी, और गौसेवक शामिल हुए। बैठक में गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता, और अवैध मांस बिक्री जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई और कड़े निर्देश जारी किए गए।

पुलिस अधीक्षक के प्रमुख निर्देश

पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने गौवंश तस्करी पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:

  1. सीमाओं पर सघन चेकिंग: जिले की सीमाओं पर रात्रिकालीन और आकस्मिक जांच को और सुदृढ़ करने के लिए कहा गया। अंतरराज्यीय और अंतरजिला मार्गों पर नाकाबंदी पॉइंट्स बढ़ाए जाएंगे।

  2. संदिग्ध वाहनों की निगरानी: अवैध गौवंश परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों की पहचान और आकस्मिक चेकिंग के निर्देश दिए गए। ऐसे वाहनों को जप्त कर राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

  3. गौसेवकों के साथ समन्वय: गौसेवकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। कानून के दायरे में रहकर तस्करों की पहचान और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  4. संपत्ति कुर्की: अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की संपत्ति का चिन्हांकन कर कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।

  5. कानूनी कार्रवाई: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, छत्तीसगढ़ गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करने की हिदायत दी गई।

  6. आवारा पशुओं पर कार्रवाई: सड़कों पर आवारा छोड़े गए गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे पशुपालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

  7. पिछले मामलों पर कार्रवाई: पूर्व में गौवंश तस्करी के मामलों में प्रयुक्त वाहनों को राजसात करने, फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने, और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

पुलिस की सक्रियता

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीते कुछ महीनों में बालोद पुलिस ने गौवंश तस्करी के कई मामलों में सफलता हासिल की है। कई आरोपियों को जेल भेजा गया और अवैध परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों को जब्त किया गया। भविष्य में सक्रिय गश्त, खुफिया तंत्र को मजबूत करने, और तकनीकी निगरानी के उपयोग को और बढ़ाया जाएगा।

गौसेवकों और जनता से अपील

पुलिस अधीक्षक ने गौसेवकों और आम जनता से अपील की कि यदि उन्हें गौवंश तस्करी या अवैध परिवहन की कोई सूचना मिलती है, तो वे तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान को गुप्त रखा जाएगा।

लापरवाही पर जवाबदेही

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि गौवंश तस्करी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में उपस्थिति

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, SDOP बालोद श्री देवांश सिंह राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती डॉ. चित्रा वर्मा, DSP श्री राजेश बागड़े, सभी थाना प्रभारी, और जिले के गौसेवक उपस्थित रहे।

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